पंचांग शब्द का अर्थ ही है “पाँच अंग”। वैदिक कैलेंडर का हर दिन इन्हीं पाँच तत्वों से पूरा होता है।
पाँचों अंग संक्षेप में
- तिथि: चंद्र दिन, सूर्य और चंद्रमा के बीच के कोण से बनता है
- वार: सप्ताह का दिन, हर दिन का एक ग्रह स्वामी होता है
- नक्षत्र: चंद्रमा की वर्तमान स्थिति, 27 नक्षत्रों में से एक
- योग: सूर्य और चंद्रमा की देशांश राशियों का योग
- करण: आधी तिथि, हर दिन में दो करण होते हैं
क्यों ज़रूरी है
किसी भी शुभ कार्य, जैसे विवाह, गृह प्रवेश या नई शुरुआत के लिए, पाँचों अंगों को एक साथ देखा जाता है। कोई एक अंग अकेले पूरी तस्वीर नहीं देता।
आज का पंचांग देखें
पंचांग टूल पर अपना शहर चुनें और आज के पाँचों अंग तुरंत देखें, सटीक खगोलीय गणना के साथ।
यह जानकारी वर्णनात्मक है।