विवाह जैसे बड़े फ़ैसले के लिए मुहूर्त की जाँच सबसे बारीक़ी से की जाती है, यह सिर्फ़ एक अच्छे दिन से कहीं ज़्यादा है।
किन बातों की जाँच होती है
विवाह मुहूर्त तय करने में तिथि, वार, नक्षत्र, गुरु और शुक्र की स्थिति (कहीं ये अस्त तो नहीं), और कई तरह के दोष एक साथ देखे जाते हैं। साथ ही वर-वधू दोनों की कुंडली से जुड़े व्यक्तिगत कारक भी शामिल होते हैं।
सामान्य दिन बनाम व्यक्तिगत मुहूर्त
कैलेंडर में दी गई सामान्य विवाह तिथियाँ एक शुरुआती सूची भर हैं। असली शुभ मुहूर्त वर-वधू दोनों की जन्म कुंडली को ध्यान में रखकर ही सही मायने में तय होता है।
पहला क़दम: कुंडली मिलान
विवाह मुहूर्त से पहले आमतौर पर कुंडली मिलान की जाती है, ताकि दोनों की अनुकूलता और दोष स्पष्ट हो जाएं।
अपने विवाह की तैयारी शुरू करें
कुंडली मिलान टूल से शुरुआत करें, और सामान्य त्योहार व मुहूर्त कैलेंडर के लिए त्यौहार पन्ना देखें।
यह जानकारी वर्णनात्मक है; यह विवाह का निर्णय नहीं देती।