राहु काल की तरह चौघड़िया भी दिन के समय को भागों में बाँटता है, पर इसका दायरा राहु काल से बड़ा है।
चौघड़िया की बनावट
दिन और रात, दोनों को आठ-आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। हर भाग को एक नाम (जैसे अमृत, शुभ, लाभ, चर, रोग, काल, उद्वेग) और एक शुभता (शुभ, अशुभ या मिश्रित) दी जाती है।
किस चौघड़िया में क्या करें
अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया आमतौर पर नए काम के लिए अच्छे माने जाते हैं। रोग, काल और उद्वेग में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। चर मिश्रित फल देने वाला माना जाता है। दिन के सबसे शुभ एक ही मुहूर्त के लिए अभिजीत मुहूर्त देखें।
दिन और रात दोनों के लिए अलग चौघड़िया
दिन का चौघड़िया रात के चौघड़िया से अलग क्रम में चलता है, इसलिए रात में कोई काम करना हो तो रात का चौघड़िया देखना ज़रूरी है।
आज का चौघड़िया देखें
मुहूर्त टूल पर अपना शहर चुनें, दिन और रात दोनों का पूरा चौघड़िया वहीं मिलेगा।
यह जानकारी वर्णनात्मक है।