दिन के सभी मुहूर्तों में, चौघड़िया और राहु काल सहित, अभिजित मुहूर्त को सबसे शुभ और सबसे भरोसेमंद माना जाता है।
अभिजित मुहूर्त कब आता है
यह दिन के ठीक मध्य के आसपास, यानी स्थानीय दोपहर के आस-पास आता है, और लगभग 48 मिनट लंबा होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के आठवें मुहूर्त (दिन को 15 मुहूर्तों में बाँटकर) के रूप में इसकी गणना होती है।
इतना शुभ क्यों माना जाता है
अभिजित मुहूर्त को इतना बलवान माना गया है कि यह अधिकांश दोषों को भी काट देता है, इसीलिए जब कोई और शुभ समय न मिले, तब भी अभिजित मुहूर्त में काम शुरू करना उचित माना जाता है।
एक अपवाद
बुधवार के दिन अभिजित मुहूर्त नहीं माना जाता, क्योंकि यह वार विशेष रूप से इससे बाहर रखा गया है।
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यह जानकारी वर्णनात्मक है।