मंगल दोष है या नहीं, यह जानने के लिए ज्योतिषी के पास जाने से पहले खुद भी एक शुरुआती जांच की जा सकती है, अगर आपके पास अपनी जन्म कुंडली की भाव-स्थिति मौजूद हो।
चरण 1: तीन बिंदु पहचानें
अपनी कुंडली में लग्न, चंद्रमा और शुक्र, तीनों किस भाव में हैं, यह नोट करें। मंगल दोष की जांच तीनों से अलग-अलग की जाती है।
चरण 2: मंगल किस भाव में है, देखें
अब मंगल किस भाव में बैठा है, यह देखें।
चरण 3: भाव गिनें
लग्न से गिनकर देखें कि मंगल 1, 2, 4, 7, 8 या 12वें भाव में है या नहीं। यही प्रक्रिया चंद्रमा से गिनकर और शुक्र से गिनकर भी दोहराएं। अगर तीनों में से किसी एक से भी मंगल इन भावों में आता है, तो कुंडली मांगलिक मानी जाती है।
चरण 4: दोनों पक्षों के लिए दोहराएं
विवाह मिलान में यह जांच वर और वधू, दोनों के लिए अलग-अलग करनी होती है। अगर दोनों मांगलिक निकलें, तो परंपरा में दोष परस्पर निष्प्रभावी माना जाता है, इसका पूरा नियम यहां समझाया गया है।
खुद गिनने में गलती की गुंजाइश
भाव गिनने में मामूली सी चूक भी नतीजा बदल सकती है, खासकर अगर जन्म समय अनुमानित हो। सटीक और स्वचालित जांच के लिए मांगलिक जांच टूल पर जन्म विवरण डालें।
यह जानकारी वर्णनात्मक है; यह विवाह का निर्णय नहीं देती।