शनि 30 मार्च 2025 से मीन राशि में हैं और 3 जून 2027 तक वहीं रहेंगे। शनि की चाल सबसे धीमी मानी जाती है, इसलिए इसका गोचर हर राशि पर लंबे समय तक असर डालता है। परंपरा में शनि की स्थिति चंद्र राशि से गिनकर देखी जाती है।
किस राशि पर कैसा असर (चंद्र राशि से)
- मेष: 12वां घर, साढ़े साती का प्रथम चरण
- वृषभ: 11वां घर, अनुकूल माना जाता है
- मिथुन: 10वां घर, कर्म-क्षेत्र में मेहनत बढ़ने का समय
- कर्क: 9वां घर, यात्रा और सीखने से जुड़े विषय
- सिंह: 8वां घर, ढैय्या, सेहत और बदलाव पर ध्यान देने की सलाह
- कन्या: 7वां घर, रिश्तों में धैर्य ज़रूरी
- तुला: 6वां घर, अनुकूल माना जाता है
- वृश्चिक: 5वां घर, संतान और पढ़ाई से जुड़े विषयों पर ध्यान
- धनु: 4वां घर, ढैय्या, घर-परिवार और मानसिक शांति पर फोकस
- मकर: 3वां घर, अनुकूल माना जाता है, मेहनत का फल
- कुंभ: 2वां घर, साढ़े साती का तृतीय चरण, खर्च पर नियंत्रण की सलाह
- मीन: 1वां घर, साढ़े साती का द्वितीय चरण (शिखर)
यह जानकारी कैसे इस्तेमाल करें
शनि गोचर सामान्य, चंद्र-राशि आधारित रुझान देता है, यह किसी एक व्यक्ति की पूरी कुंडली की जगह नहीं ले सकता। साढ़े साती और ढैय्या का विस्तृत विवरण साढ़े साती 2026 पोस्ट में है।
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यह जानकारी वर्णनात्मक है और भविष्यवाणी नहीं है।