पूर्णिमा (पूर्ण चंद्रमा) और अमावस्या (अमावस) चंद्र मास की दो सबसे महत्वपूर्ण तिथियां हैं। व्रत, स्नान-दान और पितृ तर्पण जैसे कई अनुष्ठान इन्हीं तिथियों पर किए जाते हैं।
2026 की पूर्णिमा तिथियां
3 जनवरी, 1 फरवरी, 3 मार्च, 1 अप्रैल, 1 मई, 30 मई, 29 जून, 29 जुलाई, 26 सितंबर, 25 अक्टूबर।
2026 की अमावस्या तिथियां
18 जनवरी, 17 फरवरी, 18 मार्च, 17 अप्रैल, 16 मई, 14 जुलाई, 12 अगस्त, 10 सितंबर, 10 अक्टूबर।
अगस्त-सितंबर और जून की कुछ तिथियां 2026 में अधिक मास (दो ज्येष्ठ मास) की वजह से सामान्य क्रम से थोड़ी अलग पड़ रही हैं। साल के बाकी महीनों की तिथियां पंचांग इंजन में जुड़ते ही अपडेट होंगी। हमेशा अपडेटेड सूची फेस्टिवल कैलेंडर पर उपलब्ध है।
अपने शहर के लिए तिथि कैसे जांचें
तिथि की शुरुआत और अंत का सही समय हर शहर के लिए थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए स्नान-दान या व्रत से पहले उस दिन की तिथि पंचांग पेज पर अपना शहर चुनकर पुष्टि कर लें।
अंतिम फैसला आपका
व्रत और अनुष्ठान का पालन परिवार की परंपरा और सुविधा के हिसाब से करें।