“मेरा अंक क्या कहता है” और “मेरी कुंडली क्या कहती है”, ये दोनों सवाल अलग-अलग पद्धतियों से जुड़े हैं, अक्सर इन्हें एक समझ लिया जाता है।
अंक ज्योतिष का आधार
अंक ज्योतिष सिर्फ़ जन्मतिथि और नाम के अक्षरों पर आधारित है। इसमें कोई खगोलीय गणना नहीं होती, यह पूरी तरह अंकों के जोड़-घटाव पर टिका है, जैसे मूलांक और भाग्यांक, और नामांक।
वैदिक ज्योतिष का आधार
वैदिक ज्योतिष जन्म के सटीक समय, तारीख़ और स्थान पर ग्रहों की वास्तविक खगोलीय स्थिति (सटीक खगोलीय गणना से) पर आधारित है। इसमें लग्न, नवग्रह, नक्षत्र और भाव, सब कुछ शामिल होता है।
दोनों साथ में इस्तेमाल हो सकते हैं
दोनों पद्धतियाँ एक-दूसरे की जगह नहीं लेतीं, बल्कि साथ में एक व्यापक तस्वीर दे सकती हैं। कई लोग दोनों को साथ देखना पसंद करते हैं।
दोनों आज़माएं
अंक ज्योतिष टूल पर अपना मूलांक-भाग्यांक देखें, और जन्म कुंडली टूल पर अपनी पूरी वैदिक कुंडली मुफ़्त में देखें।
यह जानकारी वर्णनात्मक है।