2026 में कुल दो चंद्र ग्रहण हैं।
3 मार्च 2026: पूर्ण चंद्र ग्रहण (भारत में दिखा)
यह ग्रहण भारत में दोपहर लगभग 3:21 बजे से शाम 7:52 बजे के बीच दिखाई दिया, और यह फाल्गुन पूर्णिमा व होलिका दहन के साथ पड़ा था। पूर्वोत्तर भारत (असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिज़ोरम, नागालैंड) में पूर्ण ग्रहण, जबकि दिल्ली, मुंबई, जयपुर, चेन्नई, बेंगलुरु और लखनऊ में आंशिक ग्रहण दिखा। चूंकि यह भारत में दिखाई दिया था, सूतक काल के नियम लागू हुए थे।
28 अगस्त 2026: आंशिक चंद्र ग्रहण (भारत में नहीं दिखेगा)
यह ग्रहण मुख्य रूप से यूरोप, अफ्रीका, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत और अटलांटिक क्षेत्रों में दिखेगा। यह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारत में इस ग्रहण के लिए सूतक काल या धार्मिक प्रतिबंध लागू नहीं होंगे।
सूतक का नियम कब लागू होता है
परंपरा में सूतक काल केवल तभी माना जाता है जब ग्रहण उस स्थान से दिखाई दे रहा हो। जो ग्रहण भारत में नहीं दिखता, उसके लिए मंदिर बंद करने, भोजन न बनाने जैसे नियम पारंपरिक रूप से लागू नहीं माने जाते।
अपने शहर के लिए पुष्टि करें
किसी भी ग्रहण की सटीक दृश्यता और समय अपने शहर के लिए पंचांग पेज या किसी विश्वसनीय खगोलीय स्रोत से नज़दीक आने पर पुष्टि करें।
यह जानकारी वर्णनात्मक है।